शशिकांत ओझा.गर्मी के मौसम में झारखंड में मॉनसून की एंट्री हो चुकी है.पहली बारिश के बाद जहां मौसम में बदलाव होता है.वहीं किसानों के चेहरे पर खुशहाली आ जाती है.पहली बारिश के बाद किसानों को खेत को कैसे करे तैयार देखें वीडियो.
कृषि वैज्ञानिक डॉ० अखिलेश शाह ने लोकल18 से कहा कि पहली बारिश के बाद किसानों को ऊंची से लेकर नीची जमीन को खेती के लिए तैयार करे. खेरीफ सीजन में किसान अरहर, मक्का और धान की खेती कर सकते है. इसके लिए किसान टांड, मध्यम और निचली जमीन में खेती करते है. झारखंड में मॉनसून की एंट्री हो चुकी है. कहीं कम तो कहीं अधिक वर्षा भी हो रही है. ऐसे में किसान खरीफ फसल के लिए खेत को तैयार कर सकते है.
ऐसे करें खेत को तैयार
कृषि वैज्ञानिक ने आगे बताया कि ऊंचे और मध्यम जमीन में किसान मक्का और अरहर की खेती कर सकते है. इसके लिए किसान खेत को पहली बारिश के बाद अच्छे से जोताई करा सकते है. इसके लिए हल, कल्टिवेटर और ट्रैक्टर से अच्छी तरह कर सकते है. इसके बाद खेत में अच्छे से हेंगा देकर बोआई कर सकते है. इसके लिए 8 किलो प्रति एकड़ के दर से मक्का और अरहर की खेती कर सकते है. इसके लिए किसान बिरसा विकाश मक्का का चयन कर सकते है. वहीं अरहर के लिए आई पी ए 203 पलामू के क्षेत्र के लिए बेहतर माना जाता है.
खेत का दो बार करें जोताई
निचली जमीन के लिए अगर किसान खेत तैयार कर रहे है तो पहली बारिश के बाद खेत की नर्सरी तैयार करें. इसके लिए खेत का दो बार जोताई करें. इसके बाद खेत में अच्छे तरह बेड तैयार कर लें. इसके बाद नर्सरी करने के लिए 16 किलो प्रति एकड़ की दर से बीज का बिहन करें. इसके बाद बीज को मिट्टी से ढक दें. चार से पांच दिनों में अगर बारिश न हो तो पटवन जरूर करें. जब नर्सरी 21 से 22 दिन का हो जाए तो निचली जमीन में इसकी रोपाई करें.
मेढ़ पर करें अरहर की खेती
जुलाई-अगस्त में अगर अच्छी वर्षा नहीं होती है तो किसान मध्यम जमीन में अरहर की रोपाई करें. लेकिन, इस बात का खास ख्याल रखें की खेत में जल निकासी की सुविधा होनी चाहिए. इसके साथ मेढ़ पर भी अरहर की खेती कर सकते है. इससे किसानों को दोगुना लाभ मिलता है.
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FIRST PUBLISHED : June 25, 2024, 16:00 IST