Delhi Airport: गुजरात के आणंद में रहने वाली हेतल बेन की माली हालत बहुत अच्छी नहीं थी. पति-पत्नी मिलकर जितना भी कमाते थे, उससे परिवार का भरण पोषण बहुत मुश्किल से हो रहा था. अपनी इस गरीबी से निजात पाने के लिए उसने इजराइल में रहने वाली भाभी को फोन किया. अपनी नंद की आपबीती सुन भाभी को तरस आ गया और उसने हेतल बेन को इजराइल आने की सलाह दे डाली.
हेतल की भाभी ने उसे दिल्ली के पहाड़गंज इलाके में स्थित ओम साई केयर टेकर ट्रेनिंग सेंटर में जाकर संपर्क करने के लिए कहा. अपनी भाभी की सलाह पर हेतल इंस्टीट्यूट पहुंच गई, जहां उसकी मुलाकात रिचा नंदा नामक महिला से हुई. बातचीत तय होने के बाद रिचा नंदा ने न केवल हेतल के पासपोर्ट की व्यवस्था की, बल्कि इजराइल जाने के लिए सभी संबंधित दस्तावेज की व्यवस्था भी की.
इसलिए हेतल को इजरालइ ने किया ब्लैक लिस्ट
आईजीआई एयरपोर्ट की डीसीपी उषा रंगनानी के अनुसार, रिचा नंदा की मदद से 2012 में हेतल आईजीआई एयरपोर्ट से इजराइल के लिए रवाना हो गई. हेतल इजराइल में करीब दस सालों तक रही. 2023 में ओवर स्टे के चलते हेतल को इजराइली सुरक्षा एजेंसियों ने ब्लैक लिस्ट कर दिल्ली एयरपोर्ट के लिए डिपोर्ट कर दिया. दिल्ली पहुंचने के बाद वह वापस अपने घर आणंद चली गई.
करीब दो तीन महीने शांत बैठने के बाद एक बार फिर इजराइल जाने का प्लान बनाने लगी. लेकिन, ब्लैक लिस्ट होने के चलते उसके लिए इजराइल जा पाना लगभग असंभव हो गया था. इस समस्या का समाधान निकालने के मकसद से हेतल ने एक बार फिर रिचा नंदा से मुलाकात की. इस बार रिचा नंदा ने हेतल को रमेश शर्मा नाम के एक एजेंट का नंबर देकर उससे संपर्क करने को कहा.
आखिर इजराइल पहुंचने में कामयाब रही हेतल
डीसीपी उषा रंगनानी के अनुसार, अप्रैल 2024 में हेतल में एजेंट रमेश शर्मा से मुलाकात की. इस मुलाकात के दौरान, रमेश शर्मा ने उसे इजराइल भेजने का भरोसा दे दिया. इस काम के एवज में रमेश शर्मा ने छह लाख रुपए की मांग की. रुपए मिलने के बाद रमेश में हेतल के लिए फर्जी दस्तावेजों का इंतजाम किया और इन्हीं दस्तावेजों की मदद से हेतल को इजराइल के तेल अवीव शहर के लिए रवाना कर दिया गया.
रमेश की मदद से हेतल तेल अवीव एयरपोर्ट तक पहुंचने में तो कामयाब हो गई, लेकिन इमीग्रेशन जांच के दौरान उसकी पोल खुल गई और उसको एक बार फिर दिल्ली एयरपोर्ट के लिए डिपोर्ट कर दिया गया. दिल्ली पहुंचने के बाद हेतल को गिरफ्तार कर लिया गया. पूछताछ के दौरान रमेश शर्मा का नाम आया, जिसके बाद एयरपोर्ट पुलिस ने इस एजेंट की तलाश में छापेमारी करना शुरू कर दी.
गिरफ्त में आया मामले का मास्टर माइंट
एजेंट रमेश की गिरफ्तारी के लिए एक टीम का गठन किया गया, जिसमें इंस्पेक्टर राज कुमार, एसआई मुकेश, महिला सब इंस्पेक्टर सरोज और महिला हेडकॉन्स्टेबल प्रमोद शामिल थीं. वहीं, हेतल की गिरफ्तारी के बाद पता चलते ही एजेंट रमेश फरार हो गया. जिसके बाद, पुलिस ने लोकल इंटेलीजेंस और टेक्निकल सर्विलांस की मदद से आरोपी का ठिकाना खोल निकाला.
डीसीपी उषा रंगनानी ने बताया कि आरोपी रमेश शर्मा को पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले के एक गांव से गिरफ्तार कर लिया गया है. पूछताछ में आरोपी रमेश शर्मा ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है. मामले की तफ्तीश अभी जारी है.
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FIRST PUBLISHED : May 14, 2024, 13:39 IST